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Showing posts from May, 2020
ग़ज़ल -غزل ________ ख़ामोश   इश्क़     मिटता     है    हथियार     से   नहीं. तलवार    से     नहीं      किसी   भी   वार     से   नहीं.      मैंने   ये    तो    नहीं    कहा   तुम    इश़्क   मत   करो. गर    तुम   करो     इश्क़     तो    अधिकार   से   नहीं. देखूं   मैं   ख़्वाब   में    तुम्हे   मतलब   तो   भी   नहीं. तुम    रोज़   आती   तो    हो   मगर   प्यार   से   नहीं. दीदार  तेरा   जिस   किसी   भी   दिन   हो  जाता   है...
राह-गुज़र 💖 ग़ज़ल -२२ २२ २२ २२ २२ २२ २२ शोर  - ए - रुसवाई -ए -दिल मे लिए न इधर न उधर जाते हॆं. वो बेख़ुद  तन-ए-तन्हा के सबब मे तो जीते जी मर जाते हॆं. सबका‌  ख़ालिस घर तो एक हॆं राह-गुजर हो गये मन मानें. मोहब्बत  से  इक  राह - गुज़र हो के क्यो नही घर जाते हॆं. ‍कहने वाले कहते गर ना-नुकुर हो तो आशिक़ी मर जाती हैं. पर  देखो  तारों  को  चांद  से वस्ल  को रोज सँवर  जाते हॆं.  आखें  उनकी भी  भींगी  हुई जल गया है महल उनका भी. बिगड़े  हालातों  में  देखा  हॆ अच्छे  से अच्छे सुधर जाते हॆं. अम्बिका प्रसाद पाण्डेय 'अंशु' _____________________________________________ شور  رسوائی دل  میں  لیے نہ  ادھر  نہ  اُدھر  جاتے  ہیں۔ وہ بیخود تن تنہا کے سبب میں توجیتےجی مر جاتے ہیں۔ سبکا خالص  گھر تو ایک  ہے  راہ  گزر  ہو  گئے  من  مانے۔ محبت سےسب ایک راہگزر ہو کے کیو بھی گھر جاتے ہیں۔ ...
वस्ल-ए-यार होगा 😃💞  ग़ज़ल - 221/2122/221/2122 ____________________________________ नासूर   का  तु   कब  तक  यूं  हीं  शिकार  होगा.  नासूर  को  भी  इक  दिन  तुमसे  ही प्यार  होगा. तुम  पे  न  हक़  ज़तायें  कहती हो  ग़र  मिरी जां. तो  ख्वाब  में  ही  कम- से -कम  इख़्तियार होगा. दिखती  ही  वो  सितारा  बिच  चांद  की  तरह हैं. उस पे  मैं क्या  किसी  का  भी जां  निसार  होगा. कोई   दग़ा   दे  भी  दे   तो  तुम  दग़ा  न   करना. उन  के  स़जा   का   मालिक  परवरदिगार  होगा.  ख़ुद को जला के रोशन करता है  उसको हर दिन.  सूरज  का  चांद से  इक   दिन वस्ल-ए-यार होगा. -अम्बिका प्रसाद पाण्डेय 'अंशु' _________________________...
तस्वीर تصویر 💞🙈 ग़ज़ल-2122/2122/2122/2122 ____________________________________________ इश्क़  में  दो  पल  ज़रूरत  से  हां  कुछ ज़्यादा लगेंगे. इस  जनम  में  गर नहीं  तो  उस जनम में  हीं  मिलेंगे. लाख़   दुश्मन   हो   ज़माने   में   ज़ुदा   कैसे    करेंगे. आशनाई   की  हिफ़ाज़त  जब  ख़ुदा  ख़ुद  ही रखेंगे.           गर जो  तुम  दुन्या के  डर से  तोड़  दो  तअ'ल्लुक़ातें. जान -ए-  मन हम तो  तुम्हें इन चांद -तारों में  दिखेंगे. तुम  सभी  तस्वीर  ले तो जा रही बस इतना  कहुंगा. दिल ने  जो  तस्वीर  खींचें  वो  बहुत  ज़्यादा  चुभेंगे. छोड़  कर  गर  तुम  गई  मुझसे  ज़रा  भी दूर सोचों. झूठ  सा  नाराज़  होकर  औ...
चाहिए हौसला   چاہئے حوصلہ💞 मोहब्बत   में ज़ख़्मो को सहने का  चाहिए हौसला     सबको  भूल  आगे  को बढ़ने का  चाहिए हौसला जज़्बातों में मैं उसको  लिखता हूं  इल्म तो हो उसे ऐसा लिख सकूं मुझको लिखने का चाहिए हौसला दुश्वारी  नही  जीत  पायी  हम  से कभी  भी  मगर मोहब्बत  है  तुम  से ये  कहने का  चाहिए हौसला सच्चे  आशिक़ों के  मुक़द्दर  मे प्यार मिलता  नहीं  अब बिन यार  के दिल में रहने का चाहिए हौसला गर वो खुश है जब और के ही नज़दीक रहने पे तो आसूँ की जगह हम को हँसने  का  चाहिए हौसला  कोई   साथ  देता   नही  है  'अंशू'  कठिन राह  में ख़ुद का  हौसला  बुलंद  रखने का चाहिए हौसला -अम्बिका प्रसाद पाण्डेय 'अंशु' __________________________________________ محبت میں  زخموں  کو  سہنے  کا  چاہئے حوصلہ۔ ...