किसी के वास्ते जज़्बात मर जाए तो क्या किया जाए. हमारी ही नज़र से कोई गिर जाए तो क्या किया जाए. जिसे हमने था समझा अपनी मंजिल के सफर का हमराही. अगर वो साथ अपना छोड़ कर जाए तो क्या किया जाए. کیسی کے واسطے جذبات میں جائے تو کیا کیا جائے، ہماری ہی نظر سے کوئی گر جائے تو کیا کیا جائے، جیسے ہمنے سمجھا اپنی منزل کے سفر کا ہمراہی، اگر وہ ساتھ اپنا چھوڑ کے جائے تو کیا کیا جائے۔ -© Anshu Pandey
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धोखा से पाई सफलता क्या सच में सफलता है? चांद बुलंदी पे है फिर भी दाग़ तो दिखता है. रोज़ उसे ही लिखा मैंने कश्मकशीं देखों. इश्क़ मिरा वो किसी ओ को ही समझता हैं. इश्क़ को मैंने जवानी का रोग ग़लत समझा. बूढ़ा है इक मेरे महफ़िल मे आह जो भरता है. मिटते नहीं यार सच्चे दिल से इश्क़ ओ नफ़रत. ज़िंदा यहां से तो जाने के बाद भी रहता हैं. कोई किसी के बिना मरता तो नहीं है लेकिन. आत्मा मर जाती ये कोई - कोई ही कहता हैं. एक ही कमरे में मैं हूं ओ मेरी ही नाकामी. जोरों से रो रहा हूं ओ वो मुझ पे ही हँसता हैं. دھوکا سے پائی سپھلتا کیا سچ میں سپھلتا ہے۔ چند بلندی پے ہے پھر بھی داغ ت...
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राह-गुज़र 💖 ग़ज़ल -२२ २२ २२ २२ २२ २२ २२ शोर - ए - रुसवाई -ए -दिल मे लिए न इधर न उधर जाते हॆं. वो बेख़ुद तन-ए-तन्हा के सबब मे तो जीते जी मर जाते हॆं. सबका ख़ालिस घर तो एक हॆं राह-गुजर हो गये मन मानें. मोहब्बत से इक राह - गुज़र हो के क्यो नही घर जाते हॆं. कहने वाले कहते गर ना-नुकुर हो तो आशिक़ी मर जाती हैं. पर देखो तारों को चांद से वस्ल को रोज सँवर जाते हॆं. आखें उनकी भी भींगी हुई जल गया है महल उनका भी. बिगड़े हालातों में देखा हॆ अच्छे से अच्छे सुधर जाते हॆं. अम्बिका प्रसाद पाण्डेय 'अंशु' _____________________________________________ شور رسوائی دل میں لیے نہ ادھر نہ اُدھر جاتے ہیں۔ وہ بیخود تن تنہا کے سبب میں توجیتےجی مر جاتے ہیں۔ سبکا خالص گھر تو ایک ہے راہ گزر ہو گئے من مانے۔ محبت سےسب ایک راہگزر ہو کے کیو بھی گھر جاتے ہیں۔ ...
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वस्ल-ए-यार होगा 😃💞 ग़ज़ल - 221/2122/221/2122 ____________________________________ नासूर का तु कब तक यूं हीं शिकार होगा. नासूर को भी इक दिन तुमसे ही प्यार होगा. तुम पे न हक़ ज़तायें कहती हो ग़र मिरी जां. तो ख्वाब में ही कम- से -कम इख़्तियार होगा. दिखती ही वो सितारा बिच चांद की तरह हैं. उस पे मैं क्या किसी का भी जां निसार होगा. कोई दग़ा दे भी दे तो तुम दग़ा न करना. उन के स़जा का मालिक परवरदिगार होगा. ख़ुद को जला के रोशन करता है उसको हर दिन. सूरज का चांद से इक दिन वस्ल-ए-यार होगा. -अम्बिका प्रसाद पाण्डेय 'अंशु' _________________________...
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तस्वीर تصویر 💞🙈 ग़ज़ल-2122/2122/2122/2122 ____________________________________________ इश्क़ में दो पल ज़रूरत से हां कुछ ज़्यादा लगेंगे. इस जनम में गर नहीं तो उस जनम में हीं मिलेंगे. लाख़ दुश्मन हो ज़माने में ज़ुदा कैसे करेंगे. आशनाई की हिफ़ाज़त जब ख़ुदा ख़ुद ही रखेंगे. गर जो तुम दुन्या के डर से तोड़ दो तअ'ल्लुक़ातें. जान -ए- मन हम तो तुम्हें इन चांद -तारों में दिखेंगे. तुम सभी तस्वीर ले तो जा रही बस इतना कहुंगा. दिल ने जो तस्वीर खींचें वो बहुत ज़्यादा चुभेंगे. छोड़ कर गर तुम गई मुझसे ज़रा भी दूर सोचों. झूठ सा नाराज़ होकर औ...
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चाहिए हौसला چاہئے حوصلہ💞 मोहब्बत में ज़ख़्मो को सहने का चाहिए हौसला सबको भूल आगे को बढ़ने का चाहिए हौसला जज़्बातों में मैं उसको लिखता हूं इल्म तो हो उसे ऐसा लिख सकूं मुझको लिखने का चाहिए हौसला दुश्वारी नही जीत पायी हम से कभी भी मगर मोहब्बत है तुम से ये कहने का चाहिए हौसला सच्चे आशिक़ों के मुक़द्दर मे प्यार मिलता नहीं अब बिन यार के दिल में रहने का चाहिए हौसला गर वो खुश है जब और के ही नज़दीक रहने पे तो आसूँ की जगह हम को हँसने का चाहिए हौसला कोई साथ देता नही है 'अंशू' कठिन राह में ख़ुद का हौसला बुलंद रखने का चाहिए हौसला -अम्बिका प्रसाद पाण्डेय 'अंशु' __________________________________________ محبت میں زخموں کو سہنے کا چاہئے حوصلہ۔ ...